सर्वनाम किसे कहते हैं | sarvnam Kise Kahate Hain

नमस्कार विद्यार्थियों इस आर्टिकल में हम पढ़ेंगे  सर्वनाम किसे कहते हैं( sarvanam Kise Kahate Hain) सर्वनाम के भेद व प्रकार उदाहरण सहित  इस वेबसाइट पर हिंदी व्याकरण से संबंधित सारे विषय पर आर्टिकल उपलब्ध है आप चाहे तो उन्हें भी पढ़ सकते हैं।

सर्वनाम किसे कहते हैं
सर्वनाम किसे कहते हैं

आइए शुरू करते हैं –

सर्वनाम की परिभाषा

परिभाषासर्वनाम से आशय ऐसे शब्दों से है जो सबके नामों के बदले में उपयोग किए जाते हैं,उन्हें सर्वनाम कहते हैं। सर्वनाम का उपयोग करके हम एक ही संज्ञा के नाम का बार बार सर्व उपयोग बार-बार प्रयोग करने से बच सकते हैं।

नीचे लिखे इस उद्धरण को ध्यानपूर्वक पढ़िए-

सर्वनाम के उदाहरण

लक्ष्मी बाई झांसी की रानी थी।
लक्ष्मीबाई कुशल प्रशासक भी थी।
लक्ष्मीबाई ने अपनी प्रजा के कल्याण के लिए अनेक लड़ाई लड़ी।
लक्ष्मी बाई के राज्य में प्रजा बहुत सुरक्षित थी।
लक्ष्मी बाई के राज्य पर अंग्रेजों ने आक्रमण किया था।

उपरोक्त उद्धरण में लक्ष्मी बाई संज्ञा शब्द का 5 बार प्रयोग हुआ है। इसमें लक्ष्मीबाई नाम का बार बार प्रयोग अटपटा सा लगता है। इन वाक्यो में जो प्रवाह है और वाक्यो की जो सुंदरता है वह नष्ट हो गई है।

इस अवतरण को इस प्रकार लिखना चाहिए था-

लक्ष्मी बाई झांसी की रानी थी। वह कुशल प्रशासक थी। उसने अपनी प्रजा के कल्याण के लिए अनेक लड़ाई लड़ी। उसके राज्य में प्रजा बहुत सुरक्षित थी। उसके राज्य पर अंग्रेजों ने आक्रमण किया था।

इस उद्धरण में लक्ष्मी बाई के नाम का प्रयोग एक ही बार हुआ है। लक्ष्मी बाई के नाम बदले में वह, उसने, उसके शब्द का प्रयोग हुआ है। यह शब्द ही लक्ष्मीबाई संज्ञा के बदले आए हैं। इन्हीं शब्दों को सर्वनाम कहते हैं।

दूसरे शब्दों में परिभाषा – ऐसे शब्द जो संज्ञा शब्दों के स्थान पर प्रयुक्त होते हैं, उन्हें सर्वनाम कहते हैं। उदाहरण के लिए – मैं,वह, हम, तुम, तू, तुझे, वे, उसको आदि शब्द सर्वनाम है।

सर्वनाम के भेद व प्रकार

सर्वनाम के भेद या प्रकार- सर्वनाम छ:प्रकार के हैं।
1.पुरुषवाचक सर्वनाम
2.निश्चयवाचक सर्वनाम
3.अनिश्चयवाचक सर्वनाम
4.संबंधवाचक सर्वनाम
5.प्रश्नवाचक सर्वनाम
6.निजवाचक सर्वनाम

पुरुषवाचक सर्वनाम

1.पुरुषवाचक सर्वनाम- यह सर्वनाम मुख्य रूप से तीन प्रकार के व्यक्तियों के लिए प्रयोग किया जाता है।
1.बोलने वाले के लिए (श्रोता)
2.सुनने वाले के लिए (वक्ता)
3.जिसके बारे में बात की जा रही है उसके लिए (अन्य)

अर्थात जो सर्वनाम वक्ता, श्रोता तथा अन्य किसी तीसरे व्यक्ति के लिए प्रयुक्त किए जाते हैं उन्हें पुरुषवाचक सर्वनाम कहते हैं।

पुरुषवाचक सर्वनाम के तीन प्रकार होते हैं-
क.उत्तम पुरुष
ख.मध्यम पुरुष
ग.अन्य पुरुष

उत्तम पुरुष

क. उत्तम पुरुष – वक्ता अपने नाम के स्थान पर जिन शब्दों का प्रयोग करता है, उन्हें उत्तम पुरुषवाचक सर्वनाम कहते हैं। जैसे-
1.मैं भगवान को प्रणाम करता हूं।
2.हम भारत माता को नमन करते हैं।
3.हमारा पढ़ना सफल रहा।
इन वाक्यों में मैं, हम और ,हमारा उत्तम पुरुष उत्तम पुरुषवाचक सर्वनाम है।

मध्यम पुरुष

ख. मध्यम पुरुष – श्रोता या सुनने वाला व्यक्तिव्यक्ति के लिए जिन शब्दों का प्रयोग किया जाता है उन्हें मध्यम पुरुषव्यक्ति के लिए जिन शब्दों का प्रयोग किया जाता है उन्हें मध्यम पुरुषवाचक सर्वनाम कहते हैं। जैसे-
1. तुम महान देशभक्त हो।
2.तुम्हें प्रथम पुरस्कार मिला है।
3.आप समय पर आ गए।
इन वाक्यो में तुम, तुम्हें और आप मध्यम पुरुषवाचक सर्वनाम है।

अन्य पुरुष

ग. अन्य पुरूष–  जो सर्वनाम  किसी अन्य व्यक्ति के लिए उपयोग होता है, उसे अन्य पुरुषवाचक सर्वनाम कहते हैं। जैसे-
1.वह बंसी बजा रहा है
2.वे लड़ते लड़ते शहीद हो गए।
3.उन्होंने 12 जनवरी को स्कूल में विजिट किया।

इन वाक्यों में वह,वे और उन्होंने अन्य पुरुषवाचक सर्वनाम है।

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निश्चयवाचक सर्वनाम

2.निश्चयवाचक सर्वनाम- इस सर्वनाम से पास या दूर के व्यक्तियों या वस्तुओं का निश्चित ज्ञान होता है। जैसे-
1.यह राम का विद्यालय है।
2.वे हमारे पड़ोसी हैं।
3.इस व्यक्ति को मैं अच्छे से जानता हूं।
4.उसे 80 अंक दिए गए।

उपरोक्त वाक्यों में यह,वे,इस, उसे का प्रयोग हुआ है। यह निश्चयवाचक सर्वनाम है।

अनिश्चयवाचक सर्वनाम

3. अनिश्चयवाचक सर्वनाम – जिस सर्वनाम से किसी निश्चित व्यक्ति या वस्तु का बोध नहीं होता, उसे अनिश्चयवाचक सर्वनाम कहते हैं। जैसे-
1.शहर में कुछ लोग चोरी करते हैं।
2.किसी ने यह पत्र भेजा है।
3.वह विदेशी पक्षी है।

उपरोक्त वाक्य में कुछ, किसी, वह अनिश्चयवाचक सर्वनाम है। इन वाक्यों से निश्चित व्यक्ति या वस्तु का बोध नहीं होताहै। इन वाक्यों से निश्चित व्यक्ति या वस्तु का बोध नहीं होता है।

संबंधवाचक सर्वनाम

4.संबंधवाचक सर्वनाम– जो सर्वनाम शब्द वाक्य में दूसरे के साथ संबंध बताते हैं, उन्हें संबंधवाचक सर्वनाम कहते हैं। जैसे-
1.जैसी करनी वैसी भरनी।
2.जैसा खाए अन्न वैसा होगा मन।
3.जो पेड़ पर बोल रही थी वह कोयल थी।
4.जिन्होंने मेहनत की उन्होंने सफलता पाई।

उपरोक्त वाक्यों में जैसी-वैसी, जैसा – वैसा, जिन्होंने- उन्होंने,जो – वह संबंधवाचक सर्वनाम हैं।

प्रश्नवाचक सर्वनाम

5.प्रश्नवाचक सर्वनाम- जिन सर्वनाम शब्दों का प्रयोग प्रश्न पूछने के लिए किया जाता है, उन्हें प्रश्नवाचक सर्वनाम कहते हैं।जैसे-
1.पत्र कौन लिख रहा है?
2.खिलौना किसने तोड़ा?
3.मेहमानों को क्या चाहिए?
4.जंगल का राजा किसे कहा जाता है?

इन वाक्यों में आए शब्द कौन, किसने, क्या,किसे आदि प्रश्नवाचक सर्वनाम है।

निजवाचक सर्वनाम

6.निजवाचक सर्वनाम- जो सर्वनाम स्वयं या कर्ता के लिए ही प्रयोग किए जाते हैं, उन्हें निजवाचक सर्वनाम कहते हैं। जैसे-
1.अपना काम करने में शर्म कैसी?
2.मैं स्वयं ही चला आया।
3.वे खुद ही ढूंढते हुए आ गए।
4.पायल अपने आप नाचने लगी।

इन वाक्यों में आए शब्द अपना, स्वयं, खुद,अपने आप निजवाचक सर्वनाम हैं।

सर्वनाम संबंधी महत्वपूर्ण बातें

1.सर्वनाम शब्दों का संज्ञा शब्दों की तरह लिंग परिवर्तन नहीं होता।
2.आदर के लिए तुम के स्थान पर आप का प्रयोग करते हैं।
3.सर्वनाम शब्दों की विभक्तियाँ शब्दों के साथ मिलाकर लिखी जाती है। जैसे-
आप+ने = आपने
तुम+को = तुमको
4.मेरे को, तेरे को अशुद्ध प्रयोग है तुमने दिल्ली जाओगे यह गलत है।
5.कुछ लोग प्रतिष्ठा दिखाने के लिए मैं के स्थान पर हम का प्रयोग करते हैं।

इस आर्टिकल में हमने पढ़ा सर्वनाम किसे कहते हैं, (sarvnam Kise Kahate Hain) सर्वनाम के भेद या प्रकार उदाहरण सहित। आपको यह आर्टिकल कैसा लगा कमेंट करके जरूर बताएं। इस वेबसाइट पर इसी तरह के आर्टिकल अपडेट किए जाते हैं। तो आप हम से निरंतर जुड़े रहे, धन्यवाद।

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